अधिक बोनाफाइड और गड़बड़ी के आरोप, जांच के बाद सरकार का बड़ा फैसला
पटना: बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में अनियमितताओं को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए 13 शिक्षण संस्थानों में नए आवेदनों के भुगतान पर तत्काल रोक लगा दी है। यह निर्णय विभिन्न स्रोतों से मिली प्रतिकूल रिपोर्ट और जांच के बाद लिया गया है, जिसमें सत्र 2025-26 में निर्धारित सीटों से अधिक बोनाफाइड जारी करने और सत्यापन में स्पष्ट जवाब नहीं मिलने जैसी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं।
राज्य नोडल अधिकारी की ओर से जारी निर्देश में बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम को कहा गया है कि जिन संस्थानों ने अत्यधिक बोनाफाइड जारी किए हैं और MNSSBY पोर्टल पर आवेदनों को अस्वीकृत करने के बावजूद आधार फ्री नहीं किया है, वहां नए आवेदनों के भुगतान पर रोक लगाई जाए। हालांकि जिन छात्रों को पहली किस्त मिल चुकी है, उनकी अगली किस्त का भुगतान जारी रहेगा।
जिन संस्थानों पर कार्रवाई की गई है, उनमें गया के विवेकानंद पैरामेडिकल एंड नर्सिंग कॉलेज और मगध पैरामेडिकल एंड नर्सिंग इंस्टीट्यूट, वैशाली के इंदु देवी रंजीत कुमार प्रकाश प्रोफेशनल कॉलेज, डॉ. रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज और श्री उमेश मिश्रा रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज शामिल हैं। मुजफ्फरपुर के एमपीएस कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन, शिवी कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन और देव कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन भी इस सूची में हैं।
पटना के ऑक्सफोर्ड कॉलेज ऑफ रिसर्च एंड मैनेजमेंट, चैतन्य कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, आरएस विद्यापीठ (रामकृष्ण नगर) और ओमकारा कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल एजुकेशन पर भी रोक लगाई गई है। इसके अलावा औरंगाबाद स्थित प्रभु कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट भी कार्रवाई के दायरे में आया है।
सरकार का कहना है कि नामांकन प्रक्रिया संदिग्ध पाए जाने के कारण यह कदम उठाया गया है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस फैसले से नए छात्रों के शिक्षा ऋण की प्रक्रिया प्रभावित होने की संभावना है।
